मेरा साथी मेरा सांसे
क्या आपको पता है, हमारी सांसे ही हमारा साथी हे, जब हम पैदा होते है तब पहला काम हम सांस लेने का करते हे,और जब हमारा मृत्यु होता है तब लास्ट काम सांस छोडने का करते हे।
सांस लेने और छोडने में हमारा जीवन चला जाता है, लेकिन ये सांस हमारा साथी हे जब हम गुस्सा होते है तो सांसे तेज होती है और प्रेम में होते है तो शांत होती है।
अगर हम चाहते है कि हमे खुश,आनंद,प्रेम से भरपूर रहना है तो हमे हरदिन 30 मिनिट अपने सांस के ऊपर ध्यान देना चाहिए जो एक ध्यान की विधि है जो हमको भगवान बुद्ध ने दी है।
जिससे हम ध्यान की गहराई में जाते हे और खुश रहते है। तो आप हरदिन अपने साथी का 30 मिनिट ध्यान रखे तब आपका साथी पूरा दिन आपका ध्यान रखेंगा ये ही सत्य हे।
🙏ॐ नमः शिवाय🙏
Yogachary Ajay Makwana
omdivineyoga@gmail.com
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